Saturday, January 22, 2022
HomeनेशनलKisan Andolan Breaking थमता दिखाई नहीं दे रहा आंदोलन
HomeनेशनलKisan Andolan Breaking थमता दिखाई नहीं दे रहा आंदोलन

Kisan Andolan Breaking थमता दिखाई नहीं दे रहा आंदोलन

इंडिया न्यूज, नई दिल्ली।
Kisan Andolan Breaking तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद भी अभी विरोध थमता नजर नहीं आ रहा। केंद्र के तीनोें कृषि कानूनों के विरोध यानि किसान आंदोलन को आज पूरा एक साल हो गया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन का एक वर्ष पूरा होने के मौके पर देशभर के विभिन्न राज्यों में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। एसकेएम के आधिकारिक बयान के मुताबिक हजारों किसान दिल्ली के आसपास विरोध स्थलों पर पहुंचेंगे।

कर्नाटक, कोलकाता, तमिलनाडु व रांची में भी सड़कों पर उतरेंगे किसान (Kisan Andolan Breaking)

कर्नाटक में भी किसानों ने सड़कों पर आने का फैसला लिया है। वहीं कोलकाता और रांची में भी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। एसकेएम ने कहा, कर्नाटक के सभी जिलों में लगभग 25 जगह प्रदर्शन होगा। तमिलनाडु में, एसकेएम ने ट्रेड यूनियनों के साथ संयुक्त रूप से सभी जिला मुख्यालयों में रैलियों की योजना बनाई है।

विरोध प्रदर्शन के साथ बैठक होगी (Kisan Andolan Breaking)

एसकेएम ने कहा है कि तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में भी विरोध प्रदर्शन के साथ बैठक होगी। रायपुर और रांची जैसे कई राज्यों की राजधानियों में ट्रैक्टर रैलियों की योजना बनाई जा रही है। पटना में, फार्म यूनियनों और ट्रेड यूनियनों कलेक्ट्रेट तक एक संयुक्त मार्च करेंगे और एक ज्ञापन सौंपेंगे। इस बीच, हजारों किसान ट्रैक्टर और राशन और अन्य आपूर्ति के साथ दिल्ली के आसपास मोर्चा स्थलों पर पहुंच रहे हैं।

ये हैं किसानों की मुख्य मांगें (Kisan Andolan Breaking)

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का कहना था कि फसलों के लिए एमएसपी की वैधानिक गारंटी के लिए दबाव बनाने को लेकर ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च 29 नवंबर को होगा जिसमें 60 ट्रैक्टर राष्ट्रीय राजधानी में संसद पहुंचेंगे। संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से शुरू होगा।

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